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history of computer in hindi || कंप्यूटर का इतिहास क्या है ?

कंप्यूटर का इतिहास क्या है ? (History Of ) और कंप्यूटर को किसने बनाया , कंप्यूटर को क्यों बनाया , कंप्यूटर का अबिष्कार कब हुआ? ये सवाल हर किसी के अंदर उत्पन होता है।  और मुझे पता है , इस सवाल का उत्तर भी आपलोगों को शायद पहले से ही पता होगा।  लेकिन मित्रों आज हम जो बताने जा रहे है।  उसमे से शायद कुछ आपको पहले से ही पता होगा और कुछ नहीं भी होगा।  इस लिए मेरा मकसद ये है कि , आप लोगों को इसके बारे में पूरा जानकारी History Of Computer के बारे में दे दी जाये।

हमे पता है कि आपको कंप्यूटर का इतिहास (History Of Computer) पता है।  लेकिन क्या आपको ये पता है कि  कंप्यूटर को पहले किसने बनाया।  और कंप्यूटर काम कैसे करेगा।  आज हम जो कंप्यूटर यूज कर रहे है।  इसको बनाने में कितने वैज्ञानिकों के सालो मेहनत का नतीजा है।  आज हम आपलोगों को इस पोस्ट History Of Computer In Hindi के माध्यम से इस प्रमुख यंत्र के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहा हु तो चलिए सुरु करते है।  History Of Computer Hindi .

कंप्यूटर का इतिहास क्या है ?

दोस्तों Computer का जन्म सिर्फ सिनेमा या ईमेल करने के लिए नहीं किया गया था।  तो फिर आप सोच रहे होंगे तो किस लिए किया गया था।  Computer का जन्म इस लिए किया गया था।  ताकि जो हम नहीं कर सकते है।  या फिर ये मानिये की जो काम हम घंटों में करते है।  उस काम को मिनटों में करने के लिए किया गया था।

पहले जब कंप्यूटर नहीं था , तब मनुष्य को कोई भाई संख्यां को जोड़ने में बहुत कठिनाई का सामना करना परता था।  इस लिए इसी समस्या को हल करने के लिए कंप्यूटर को बनाया गया था। कंप्यूटर को पहले भारी संख्या को गिनने के लिए किया गया था।   अगर हम हिंदी में बात करे तो कंप्यूटर को हिंदी में (सगणक) कहा जाता है।

दोस्तों इस बात को प्रमाणित नहीं किया जा सकता है।  कि  Computer बनाने का काम कब से सुरु हुआ था एक अनुमान के मुताबिक कंप्यूटर को बनाने का काम लगभग आज से 2500 वर्ष पूर्व से ही सुरु हुई थी। सबसे पहले जो कंप्यूटर बनाया गया था।  वो है ?

Abacaus आज से 2500 वर्ष पूर्व

20 शताब्दी में अबेकस का निर्माण किया गया था , जिसको आज से लगभग 2500 वर्ष पहले वैज्ञानकों ने बनाया और सुरु में अबेकस का उपयोग संख्यां को जोड़ने के लिए किया गया था।  अबेकस एक चकोर फ्रेम की तरह होता था अगर आपको नहीं समझ आया तो मई बता देता हु।  अबेकस को देखा जाये तो खिरकी में जैसे फ्रेम होता है।  कुछ उसी तरीके का फ्रेम अबेकस फ्रेम होता था।  और उसमे लोहे की छर लगी होती थी।

उस छर में लकड़ी की गोली लगी होती थी।  जिसका उपयोग कैलकुलेशन के लिए किया जाता था।  तो आप सोच रहे होंगे की इसका उपयोग कैसे करते होंगे , अबेकस की फ्रेम में जो गोली लगी होती थी।  उसी गोली को ऊपर निचे करके इसका उपयोग किया जाता था। सबसे बड़ी बात ये थी की उसमे बिजली नहीं लगती थी।  अबेकस पे काम करने के लिए उपयोगकर्ता के ऊपर निर्भर था की उसका हाथ कितने स्पीड से चलता है।

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Antikythera – एंटीकाइथेरा

एंटीकाइथेरा ये असल में एक कैलकुलेटर था।  जिसका उपयोग प्राचीन यूनानियों के द्वारा सूर्य चंद्र माँ और ग्रहों की गति मापने के लिए किया गया था।  एंटीकाइथेरा  चंद्र और सौर ग्रहण की भविष्यवाणी करने के लिए किया जाता था एंटीकाइथेरा को आज से लगभग 2000 वर्ष पहले बनाया गया था।  सन 1901 में वैज्ञानकों  का यह एंटीकाइथेरा  कंप्यूटर एंटीकाइथेरा  द्वीप पर पूरी तरह से नष्ट हुए एक जहाज से अलग -अलग टुकड़ों में बिखड़ा पड़ा मिला था।

और फिर सभी वैज्ञानिकों ने इसको दुबारा बनाने के लिए सभी लग गए।  और बहुत लम्बे समय के बाद इस कंप्यूटर को फिर से स्टार्ट कर लिया गया , इस मशीन से ग्रहों के साथ सूर्य और चाँद की दिशा  दिखाने का काम भी करती है। एंटीकाइथेरा  दुनिया का पहला एनालॉग कंप्यूटर है। यूनानियों ने एंटीकाइथेरा  सिस्टम का खगोलीय और गणितीय की आकड़ों का सही अनुमान के लिए बनाया था।


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Napier Bones – नेपियर बोनस

सन 1617 में जॉन नेपियर ने आवश्यकता के अनुसार एक नया उपकरण बनाया जिसे पहले से बेहतर गणना किया जा सकता था।  और इसका प्रयोग जोड़ , घटाव , गुणा और विभाजन करने के लिए किया गया था।  यह उपकरण आयताकार छर से बना था।  जिसमे ग्यारह छर सेट होते थे। इस छर को बनाने में हाथी के दांत का उपयोग किया गया था।

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Blase Pascal – ब्लेज पास्कल सन 1645 में

सदियों बाद अंकों की गणना के लिए कई यांत्रिक मशीनों का विकाश किया गया।  17 वी शताब्दी में फ्रांसि गणित्यग ब्लेज पास्कल ने 1645 में अपना एक यंत्र बनाया जो डिजिटल कैलकुलेटर के रूप में लाया गया था।  इस मशीन को एडिंग मशीन कहा जाता था , क्यों की यह केवल जोड़ या घटाव ही कर सकता था।  यह मशीन घड़ी और ऑडोमीटर के सिद्धांत पर काम करती थी उस मशीन के अंदर बहुत सरे दांत वाले पहिये लगी रहती थी।  उस दांत वाले पहिये पे 0 से 9 तक के नंबर छपे रहते थे , सभी पहिये की एक स्थानीय दिशा होता था जैसे इकाई , दहाई , सैकड़ा आदि।

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एनालिटिकल इंजन Analytical Engine

दोस्तों अनलिटिकल इंजन जोसेफ मेरी जैक्वार्ड ने सन 1801 में उसने आटोमेटिक चलने वाला कपड़ा बुनाई करने वाला मशीन यानि लूम मशीन का अविष्कार किया।  इस मशीन को लोहे की प्लेट को छेद पंच करके बनाया गया था और जो कपडों की आटोमेटिक बुनाई करने में पूर्णतः सक्षम था।  फिर सन 1802 में एक अंग्रेज वैज्ञानिक जिसका नाम चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage ) था।  उसने उस मशीन से डिफरेंस इंजन तथा बाद में एनालिटिकल इंजन बनाया।

चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage ) का ही कांसेप्ट का उपयोग कर पहला कंप्यूटर प्रोटोटाइप का निर्माण किया गया।  इसी कारन से चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage ) को Computer का पिता कहा जाता है।  उसके दस साल मेहनत करने के बाद भी वे पूरी तरह से सफल नहीं हो पाए।  फिर 1842 में लेडी लवलेश ने एक पेपर L.F Mennabrea On The Analytical Engine का इटालियन से अंग्रेज में बदलाब किया।  अँगस्टा ने एक पहला Demostration Program लिखा और उनके बाइनरी अर्थमेटिक के योगदान को जॉन वॉन न्यूमैन ने आधुनिक Computer के विकाश के लिए उपयोग किया।  इसी कारण अँगस्टा का पहला प्रॉमेर तथा बाइनरी प्रणाली का अविष्कारक कहा जाता है।

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Herman Holleth And Panch Card – हरमैन हॉलर्थ और पंच कार्ड

हरमैन हॉलर्थ और पंच कार्ड हॉलरथ नामक एक वैज्ञानिक ने सन 1880 में एक पंच कार्ड का आविष्कार किया , जो आज के टाइम में हम लोग जो Computer यूज करते है।  उसमे जो कार्ड होता है कुछ उसी तरह से था।  वो पंच  कार्ड में उसने हॉलर्थ 80 कॉलम कोड और सेंसर टेबुलेटिन मशीन का भी अविष्कार किया था।

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First Electronic Computer

पहला इलेक्ट्रॉनिक Computer दोस्तों आपको बता दूँ।  कि हवाई यूनिवर्सिटी के एच आइकॉन ने एक Computer का निर्माण 1942 में किया था।  यह Computer Mark I आज के Computer का प्रोटोटाइप था 1946 में द्वितीय विश्व युद्ध के समय ENIAC  (Electronic Numerical Integrated And Calculator ) का अविष्कार किया।  जो पहला और पूर्णतः इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था।


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आशा करता हूँ।  की आपलोगों को  Computer का इतिहास क्या है ?,  (History Of Computer In Hindi ) में और कंप्यूटर की परिभषा क्या है ?  Definition Of Computer जान चुके होंगे।  अगर फिर भी आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमे कमेंट करके बता सकते है।  अगर आप को ये पोस्ट अच्छा लगा हो तो इस पोस्ट को लाइक एम् शेयर जरूर करें।  और हमे फॉलो करे।  Facebook , Twitter , Linkdin,

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